BNP NEWS DESK। Dev Diwali 2023 वाराणसी में देव दीपावली के अवसर पर गंगा घाटों की आभा देखते ही बन रही है। लाखों दीयों की रोशनी से घाट दमक रहे हैं। कार्तिक पूर्णिमा को गोधूली बेला में काशी के समस्त 85 घाटों पर दीप जलाने का क्रम शुरू हुआ। देखते ही देखते घाट दीयों की रोशनी से दमक उठे।
Dev Diwali 2023 काशी के अर्धचंद्राकार घाटों पर जब दीपों की माला पहने हुए मां गंगा का श्रृंगार होता है तो अद्भुत छठा होती है। ऐसा लगता है कि आसमां से तारे जमीन पर उतर आए हैं। इस अलौकिक दृश्य को देखने बड़ी संख्या में भारतीय और विदेशी मेहमान यहां आते हैं।
योगी सरकार देव दीपावली को भव्य बनाने के लिए 12 लाख दीपों से घाटों को रोशन की। इनमें एक लाख दीप गाय के गोबर के बने। इस बार देव दीपावली देखने के लिए 70 देशों के राजदूत, डेलीगेट्स और परिवार के लोग आ रहे है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मेहमान देव दीपावली देखने आए।
गंगा पार रेत पर भी दीपक रोशन
उत्तरवाहिनी गंगा के तट पर 85 घाटों की श्रृंखला पर इस साल योगी सरकार की ओर से 12 लाख और जन सहभागिता से मिलकर कुल लगभग 21 लाख से अधिक दीप काशीवासी घाटों, कुंडों, तालाबों और सरोवरों पर जलाए। गंगा पार रेत पर भी दीपक रोशन हुए। काशी के घाटों की इस अद्भुत दृश्य को देखने देश विदेश से पर्यटक काशी आते हैं। काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के बाद पर्यटकों की रिकॉर्ड आमद हुई है।

देव दीपावली पर होटल, गेस्ट हाउस, नाव, बजड़ा, बोट व क्रूज़ लगभग पहले से बुक व फुल हो गए हैं। योगी सरकार चेत सिंह घाट पर लेजर शो हुआ। काशी के घाटों के किनारे सदियों से खड़ी ऐतिहासिक इमारतों पर धर्म की कहानी लेज़र शो के माध्यम से जीवंत होती दिखी। पर्यटक गंगा पार रेत पर शिव के भजनों के साथ क्रैकर्स शो का भी आनंद लिए। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर को विशाखापट्टनम के एक भक्त द्वारा 11 टन फूलों से सजाया जा रहा है। गंगा द्वार पर लेज़र शो के माध्यम से श्री काशी विश्वनाथ धाम पर आधरित काशी का महत्व और कॉरिडोर के निर्माण संबंधित जानकारी लेज़र शो के माध्यम से दिखाई जाएगी।
दशाश्वमेध घाट की महाआरती में राम भक्ति और राष्ट्रवाद की झलक
आध्यात्मिकता के साथ राष्ट्रवाद व सामाजिकता की भी झलक देव दीपावली में दिखी। दशाश्वमेध घाट की आरती रामलला को समर्पित हुई। यहां रामलला व राम मंदिर की झलक मिली। दशाश्वमेध घाट पर गंगा सेवा निधि द्वारा अमर जवान ज्योति की अनुकृति को अंतिम रूप दिया गया। भारत के अमर वीर योद्धाओं को ‘भगीरथ शौर्य सम्मान’ से सम्मानित भी किया गयाहै।

21 अर्चक व 51 देव कन्याएं रिद्धि सिद्धि के रूप में दशाश्वमेध घाट पर महाआरती करेंगी, जो नारी शक्ति का भी संदेश दिया गया। घाटों पर छत्रपति शिवजी महाराज के चित्रों के जरिए संदेश दी तो वहीं गुरुनानक देव की जयंती प्रकाश उत्सव पर उनसे चित्रों का प्रदर्शन दिखा।








