वाराणसी में अन्‍नकूट का तैयार होने लगा प्रसाद, 151 कुंतल का भोग होगा अर्पित

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Annakoot in Varanasi

BNP NEWS DESK। Annakoot in Varanasi  काशी में स्वर्णमयी अन्नपूर्णा मंदिर दोपोत्‍सव की रोशनी से जगमग हो उठा है। माता के अन्नकूट प्रसाद की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं और इस बार माता को 151 क्विंटल प्रसाद का भोग अर्पित किया जाएगा। तीन पीढ़ियों से माता का प्रसाद तैयार कर रहे 80 कारीगरों की टोली अन्नकूट का प्रसाद तैयार करने में लगी हुई है। स्वर्णमयी माता अन्नपूर्णा दर्शन 23 अक्टूबर से पट खुल जायेगा जो 26 तक दर्शन चलेगा। स्वर्णमयी अन्नपूर्णा चार दिवसीय दर्शन रविवार से शुरू हो रहा है।

Annakoot in Varanasi  दशहरा से ही अन्नपूर्णा दरबार में प्रसाद का निर्माण अनवरत चल रहा है। शुक्रवार को मां अन्नपूर्णा मंदिर परिसर में अन्नकूट के भोग की तैयारी जोर शोर से चल रही है। इस बार मंदिर की ओर से 151 क्विंटल प्रसाद तैयार कराया जा रहा है जो कि पिछले साल के मुकाबले दो गुना है। प्रसाद में सबसे खास सूरन का लड्डू, 40 प्रकार की मिठाई और 16 प्रकार की नमकीन तैयार हो रही है।

मिठाई से बना शिवलिंग आकर्षण का केंद्र

अन्नकूट की झांकी में मिठाई से बना शिवलिंग आकर्षण का केंद्र होगा। अन्नकूट की झांकी दर्शन भी श्रद्धालुओं को मिलेगा। महंत शंकर पुरी महाराज ने बताया कि माता के अन्नकूट प्रसाद का विशेष महत्व है। अन्नकूट के दिन देश भर से श्रद्धालु माता के अन्नकूट की झांकी के दर्शन के लिए आते हैं।
श्री स्वामी नारायण मंदिर के इतिहास में पहली बार अन्नकूट महोत्सव स्थगित
गुजराती समाज के श्री स्वामी नारायण मंदिर में होने वाले अन्नकूट महोत्सव पर सूर्यग्रहण की छाया लग गई है। मंदिर के इतिहास में पहली बार अन्नकूट महोत्सव नहीं होगा। दीपावली के दूसरे दिन मछोदरी स्थित मंदिर में सभी आयोजन को स्थगित कर दिया गया है।

25 अक्तूबर को सूर्य ग्रहण लगने से अन्नकूट और भंडारा नहीं लगेगा

महंत स्वामी प्रेम स्वरूप दास ने बताया कि इस बार 25 अक्तूबर को सूर्य ग्रहण लगने से अन्नकूट और भंडारा नहीं लगेगा। ग्रहण में भोग के सभी सामान अशुद्ध हो जाते हैं और इससे भगवान को चढ़ाया जाने वाला छप्पन भोग बनाने से दोष पड़ता है। शास्त्र सम्मत है कि ग्रहण काल में पूजन-अर्चन एवं राग-भोग आदि धार्मिक कृत्य नहीं करना चाहिए। मंदिर में 22 अक्तूबर को शाम छह बजे से धनतेरस पूजन धार्मिक परंपरानुसार होगा।

देव विग्रहों के शृंगार के बाद भोग प्रसाद अर्पित कर आरती उतारी जाएगी। भक्तों में खजाना व प्रसाद भी वितरित किया जाएगा। 24 अक्तूबर को दीपावली पूजन मंदिर की परंपरा के अनुरूप किया जाएगा। दोनों दिन के विशेष पूजन से पहले मंदिर परिसर को सजाने का काम पूरा हो चुका है। 26 अक्तूबर को मंदिर प्रांगण में भंडारे का आयोजन किया गया है।

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Author: BNPNEWS

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