BNP NEWS DESK। lord ram राकांपा शरद पवार गुट के नेता एवं पूर्व मंत्री डा. जीतेंद्र आह्वाड भगवान राम को मांसाहारी बताकर भाजपा सहित कई संगठनों के निशाने पर आ गए हैं। ठाणे के मुंब्रा-कलवा से तीन बार विधायक रहे आह्वाड राकांपा सुप्रीमो शरद पवार के करीबी माने जाते हैं। भाजपा ने उनके इस बयान के लिए आह्वाड की आलोचना की है। हालांकि, इसके बाद आह्वाड ने माफी मांग ली, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि लोगों को विषय के उचित अध्ययन के बाद ही निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने वाल्मीकि रामायण का हवाला भी दिया।
आह्वाड ने कहा कि भगवान राम बहुजन के हैं
आह्वाड पहले भी विभिन्न मुद्दों पर विवादित बयान देकर फंसते रहे हैं। यह मुद्दा इसलिए भी तूल पकड़ गया है, क्योंकि शिरडी में आगामी लोकसभा चुनाव के लिए राकांपा की दो दिवसीय तैयारी बैठक चल रही थी। इस दौरान आह्वाड ने कहा कि भगवान राम बहुजन के हैं। भगवान राम क्षत्रियों के हैं। लोग चाहते हैं कि हम शाकाहारी बनें। लेकिन, भगवान राम शिकार करते थे। भगवान राम मांसाहारी थे। आप उस व्यक्ति से शाकाहारी होने की उम्मीद कैसे कर सकते हैं, जो 14 साल तक जंगल में रहा हो। क्या वहां वह शाकाहारी भोजन की खोज करेगा।
भाजपा विधायक एवं राम कदम ने उनकी गिरफ्तारी की मांग की
आह्वाड के इस बयान के बाद नासिक स्थित कालाराम मंदिर के पुजारी महंत सुधीरदास ने इस पर नाराजगी जताते हुए जीतेंद्र आह्वाड के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने की बात कही है। भाजपा विधायक एवं राम कदम ने भी उनकी गिरफ्तारी की मांग की है। जबकि, भाजपा के एक अन्य विधायक नितेश राणे ने सवाल किया है कि क्या किसी अन्य धर्म पर इस प्रकार की टिप्पणी कर आह्वाड जिंदा रह पाते।
महाविकास आघाड़ी में आह्वाड की पार्टी की सहयोगी शिवसेना (उद्धव गुट) भी आह्वाड के बयान पर असहज महसूस कर रही है। उसके नेता आदित्य ठाकरे ने कहा है कि किसी को भी किसी धर्म पर विवादित टिप्पणियां नहीं करनी चाहिए। स्वयं आह्वाड की पार्टी के विधायक एवं शरद पवार के पौत्र रोहित पवार ने भी उनके बयान की निंदा की है। लेकिन, उनकी पार्टी की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले एवं शिवसेना (उद्धव गुट) के प्रवक्ता संजय राउत से आह्वाड के बयान के बारे में पूछे जाने पर वह कुछ भी कहने से कतराते दिखे।








