जो स्वकर निर्धारण नहीं देगा, माननी होगी जीआइएस सर्वे रिपोर्ट

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Varanasi Municipal Corporation

BNP NEWS DESK। Varanasi Municipal Corporation वाराणसी के शहरी क्षेत्र में गृहकर देने वाले भवन स्वामी स्वकर निर्धारण में रूचि नहीं ले रहे हैं। 13 साल बाद नगर निगम की ओर से कराए जा रहे स्वकर निर्धारण में पांच जोन के सवा दो लाख भवन स्वामियों में से अब तक मात्र 300 लोगों ने ही अपने भवनों के स्वकर निर्धारण का आवेदन किया है। यानि, एक जोन में करीब 60 लोगों ने ही स्वकर निर्धारण का आवेदन किया है।

स्वकर निर्धारण में शहरवासियों द्वारा बेहद ही कम रूचि दिखाने पर नगर निगम प्रशासन ने चिंता जाहिर की है। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके मिश्रा का कहना है कि विभाग की ओर से बकायदा अखबारों में विज्ञापन प्रकाशित किया गया। सभी जोनल कार्यालयों से लेकर मुख्यालय भवन तक इसके प्रचार-प्रसार के लिए बैनर-पोस्टर व होर्डिंग लगाया गया है।

बताते हैं कि नगर निगम के सभी जोन व मुख्यालय के अलावा नगर निगम की वेबसाइट पर स्वकर फार्म मुफ्त में उपलब्ध है। इसे लेकर भवन स्वामी 31 मई तक आवेदन कर सकते हैं। वह बताते हैं कि नगर निगम जीआइएस सर्वे करा चुका है। वह लोगों से उनके भवनों की स्थिति को जानना चाहता है ताकि लोगों के बताए हुए आधार पर उनके भवनों को चेक करके नया असेसमेंट किया जा सके। वह बताते हैं कि अक्सर असेसमेंट को लेकर लोगों की शिकायतें रहती हैं, ऐसा करके उसे हमेशा के लिए दूर किया जा सकता है।

क्यों पड़ी स्वकर की जरूरत

दरअसल, नगर निगम सीमा में 13 साल के भीतर बड़ी संख्या में नए मकान बनकर खड़े हो गए। वहीं बहुत पुराने मकानों में कमरों की संख्या बढ़ने के साथ ही कुछ आवासीय भवन कामर्शियल में तब्दील हो गए। इन 13 सालों में अगर भवन स्वामी के घर का विस्तार हुआ है तो निगम की आय में इजाफा होगा।

वहीं जीआइएस सर्वे की रिपोर्ट लागू करने व उसके मिलान में आसानी होगी। दरअसल, नगर निगम ने जीआइएस सर्वे कराकर उसे लागू करने की योजना बनाई है। उसमें सभी भवनों की वस्तु स्थिति अंकित की गई है। अगर भवन स्वामी अपना स्वकर नहीं करके देता है तो उसे जीआइएस सर्वे रिपोर्ट को माननी होगी।

स्वकर नहीं करने वालों पर आर्थिक दंड का भी प्रविधान

मुख्य कर निर्धारण अधिकारी बताते हैं कि भवनों का स्वकर सभी को करना है। इसके लिए 23 अप्रैल से आनलाइन व आफलाइन आवेदन लिए जा रहे हैं। स्वकर निर्धारण नहीं करने वाले भवन स्वामियों पर नगर निगम की अधिनियम 207 ख के तहत आर्थिक दंड का भी प्रविधान है। 50 वर्गमीटर तक 100 रुपये, 100 से 200 वर्गमीटर तक 1000 रुपये, 200 से 400 वर्गमीटर तक पांच हजार रुपये व 400 वर्गमीटर के ऊपर वाले भवन स्वामियों पर 15 हजार रुपये तक दंड लगाया जा सकता है।

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Author: BNPNEWS

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