Bnp News Desk। पिछले चार दिनों से आंधी-तूफान, ओले, गरज-तड़क के साथ वर्षा, का क्रम मंगलवार को भी बना रहा। पूरे दिन चली दक्षिण-पश्चिम की ठंडी हवा ने देर शाम को पूरे पूर्वांचल को फिर झकझोर दिया। तेज धूल भरी आंधी के साथ ही जोरों की वर्षा, ओलावृष्टि ने मौसम तूफानी बना दिया। इससे तापमान और नीचे आ गया। हवा में सिहरन दौड़ गई।
ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मी हुए चोटिल
बरसात के समय विश्वनाथ धाम में तैनात पुलिस कर्मी चोटिल हो गए। एसआई समेत दो सुरक्षा कर्मियों ने कबीर चौरा अस्पताल में मलहम पट्टी कराई।
मंदिर परिसर और मंदिर चौक में सभी रेलिंग धरासायी हो गये।
सभी कैनोपी आंधी में उड़ कर परिसर में ही गिर पड़े।
टेंट सिटी में आंधी से उड़े टीनशेड की चपेट में आने से दो लोगों के घायल हो गए।
मौसम विज्ञानियों का कहना है कि बुधवार से स्थिति में परिवर्तन हो सकता है। दो दिनों तक मौसम कुछ साफ रह सकता है, आंशिक बादल बने रह सकते हैं। शुक्रवार से फिर कुछ ऐसी ही स्थिति बन सकती है।
पिछले पांच दिनों से अरब सागर से उठकर पहुंचे पश्चिमी विक्षोभ का यह अंतिम प्रभाव हो सकता है। अब यह पूर्व-उत्तर की ओर बढ जाएगा। इसके चलते दो दिनों तक आंशिक बादल भले बने रहें लेकिन वर्षा की संभावना नहीं है। इसके पीछे आ रहा दूसरा पश्चिमी विक्षोभ शुक्रवार तक यहां पहुंचेगा और फिर ऐसी ही बादल, वर्षा, ओले, आंधी की स्थिति बन सकती है।
फिलहाल मंगलवार की दिन में वर्षा जैसी स्थिति न रहने से अधिकतम और न्यूनतम तापमान में वृद्धि हुई लेकिन दक्षिण-पश्चिम की ओर से आर्द्रता लिए आ रही हवा के चलते फिर भी अधिकतम तापमान सामान्य से छह डिग्री सेल्सियस नीचे ही रहा जबकि बादलों के घेरे के कारण न्यूनतम तापमान में सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस की वृद्धि देखी गई।








