BNP NEWS DESK । Maa Vindhyavasini 74वें गणतंत्र दिवस पर जहां पूरा देश तिरंगा रंग में रंगा नजर आया, वहीं मां विंध्यवासिनी दरबार भी तिरंगे कलेवर में नजर आई। मां विंध्यवासिनी का श्रृंगार अनूठे तिरंगे में फूल-पत्तियों से किया गया तो मां विंध्यवासिनी के जयघोष से विंध्यधाम गूंज उठा।
Maa Vindhyavasini 74वें गणतंत्र दिवस पर जहां पूरा देश तिरंगा रंग में रंगा नजर आया, वहीं मां विंध्यवासिनी दरबार भी तिरंगे कलेवर में नजर आई। गणतंत्र दिवस पर बसंत पंचमी होने के नाते विंध्यधाम में भक्ति का सागर नजर आया। विंध्याचल भी श्रद्धाभाव संग देशभक्ति के रंग में रग गया। तिरंग के रंग में रंगा होने के कारण विंध्यधाम की छटा देखते ही बन रही थी तो आकर्षक प्रकाश चार-चांद लगा दे रहे थे।
मां विंध्यवासिनी को तिरंगे रंग में रंगा देख आह्लादित नजर आए भक्त
मंगला आरती के बाद जब मां विंध्यवासिनी का दरबार खुला तो मां विंध्यवासिनी के जयघोष से विंध्यधाम का कोना-कोना गूंज उठा। फूल और पत्तों से मां विंध्यवासिनी की अनोखी सजावट की गई थी। दीपक व पूजा की थाली भी तिरंगी नजर आई। मां विंध्यवासिनी को तिरंगे रंग में रंगने के लिए सफेद, हरा, नारंगी फूलों का प्रयोग किया गया था।
विश्व गुरु बने भारत, इसलिए मां विंध्यवासिनी का तिरंगे रंग में हुआ श्रृंगार
पुरोहितों का कहना है कि भारत विश्व गुरु बने, इसलिए मां विंध्यवासिनी का श्रृंगार अनूठे तिरंगे रंग में फूल-पत्तियों से किया गया था।
सुबह मंगला आरती के बाद पहुंचे भक्त मां विंध्यवासिनी को तिरंगे रंग में रंगा देख आह्लादित नजर आए। मां विंध्यवासिनी की जयघोष के साथ भारत माता की जय के नारे भी गूंजे।
मां विंध्यवासिनी का तिरंगा स्वरूप इंटरनेट मीडिया में भी छाया रहा। श्रद्धालुओं ने मां विंध्यवासिनी का विधिवत पूजन-अर्चन कर मंगलकामना की। साथ ही मंदिर परिसर पर विराजमान समस्त देवी-देवताओं को नमन किया और हवन कुंड भी परिक्रमा की। विंध्य पर्वत पर विराजमान मां अष्टभुजा व मां काली का भी दर्शन-पूजन किया।








