BNP NEWS DESK। Himachal Congress हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर कांग्रेस में जंग चुनावी नतीजों से पहले ही शुरू हो गई थी। सीएम की कुर्सी का फैसला करने के लिए तीन ऑब्जर्बर भूपेंद्र सिंह हुड्डा, भूपेश बघेल, राजीव शुक्ला को नियुक्त किया है। ऑब्जर्बर आज कांग्रेस विधायकों के साथ बैठक के बाद रिपोर्ट प्रियंका गांधी को भेजेंगे इसके बाद सीएम की कुर्सी को लेकर फैसला लिया जाएगा।
Himachal Congress शिमला पहुंचे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की गाड़ी का रास्ता प्रतिभा सिंह के समर्थकों ने रोक दिया और उनके सामने जमकर नारेबाजी की है। समर्थक प्रतिभा सिंह को सीएम बनाने की मांग कर रहे थे। सीएम पद पर चर्चा के लिए आज कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय राजीव भवन में दोपहर बाद बैठक होने थी, लेकिन कई विधायकों के लापता होने के बाद बैठक को शाम छह बजे तक के लिए टाल दिया है। बताया जा रहा है कि सुक्खू अपने 18 समर्थक विधायकों के साथ लापता हो गए हैं। सुक्खू भी मुख्यमंत्री बनने का दावा कर चुके हैं। उन्हें प्रतिभा सिंह का धुर विरोधी भी माना जाता है।
फिलहाल सब विधायकों के इकट्ठे होने का इंतजार किया जा रहा है। इनके आते ही CM के चेहरे और सरकार बनाने को लेकर चर्चा की जाएगी। इसके बाद पार्टी हाईकमान को रिपोर्ट दी जाएगी। इससे पहले कांग्रेस ने राजभवन जाकर राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री एवं ऑब्जर्वर भूपेश बघेल और व भूपेंद्र हुड्डा ने राज्यपाल के पास सरकार बनाने का प्रस्ताव रखा है।
ऑब्जर्वर गर्वनर से मिले, स्थानीय नेताओं को नहीं ले गए
मुख्यमंत्री पद के लिए प्रदेश के 6 नेता दावा कर रहे हैं। इस बीच, नाटकीय मोड़ तब आया जब हिमाचल प्रभारी राजीव शुक्ला, छत्तीसगढ़ के CM भूपेश बघेल और हरियाणा के पूर्व CM भूपेंद्र सिंह हुड्डा सरकार बनाने का दावा पेश करने राजभवन पहुंच गए। इस दौरान उनके साथ प्रदेश का एक भी नेता मौजूद नहीं था।
अलग-अलग होटलों में विधायकों की मीटिंग
इससे पहले बघेल समेत तीनों केंद्रीय नेताओं ने दोपहर करीब 1 बजे हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और मंडी की सांसद प्रतिभा सिंह से होटल में ही बैठक की। इसके बाद प्रतिभा सिंह सीधे अपने निजी आवास हॉली-लॉज चली गईं। दूसरी ओर कांग्रेस के सभी विधायक शिमला के अलग-अलग होटलों में जुटे हैं। वे अलग-अलग गुटों में मीटिंग कर रहे हैं।
इधर, विधायक दल की मीटिंग में हो रही देरी से प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में जमा प्रतिभा सिंह के समर्थक नाराज हो गए हैं। उन्होंने कांग्रेस ऑफिस में ही नारेबाजी शुरू कर दी। इनकी मांग है कि प्रतिभा सिंह को तुरंत विधायक दल का नेता घोषित किया जाए।








