BNP NEWS DESK। Kashi Vishwanath Dham काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के बाद धाम के 33 भवनों में से अभी 14 भवनों का ही संचालन हो रहा है। 50 हजार वर्गमीटर में फैले राजराजेश्वर के नव्य, भव्य और दिव्य काशी विश्वनाथ धाम का नया स्वरूप नए साल में श्रद्धालुओं के सामने होगा। दुनिया भर से आने वाले श्रद्धालु गंगा और बाबा विश्वनाथ का दर्शन करने के साथ ही यहां खरीदारी का लुत्फ उठा सकेंगे। यहां उन्हें बनारसी स्वाद भी चखने को मिलेगा।
मंदिर न्यास ने धाम के शेष बचे भवनों के संचालन का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया है। काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के बाद धाम के 33 भवनों में से अभी 14 भवनों का ही संचालन हो रहा है। शासन से हरी झंडी मिलते ही सभी भवनों का संचालन शुरू हो जाएगा। जलपान केंद्र, वैदिक केंद्र, म्यूजियम और धार्मिक पुस्तकों की दुकानों के साथ ही पूजा और प्रसाद की दुकानें शुरू हो जाएंगी।
ये हैं नए भवन
Kashi Vishwanath Dham काशी विश्वनाथ धाम में नए साल में टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर, महाकालेश्वर भवन, अमृत भवन (जलपान केंद्र), मानसरोवर (कैफे बिल्डिंग), इम्पोरियम, रामेश्वर भवन (सिटी म्यूजियम), सोमनाथ भवन (वाराणसी गैलरी), घृष्णेश्वर भवन (स्पिरिचुअल बुक स्टोर), व्यास भवन (वैदिक केंद्र), भीमाशंकर अतिथि गृह (गेस्ट हाउस) त्र्यंबकेश्वर भवन (मल्टीपरपज हॉल ) कार्तिकेय वाटिका (गोयनका छात्रावास), अमरनाथ संकुल (ब्लॉक 2), महाकालेश्वर भवन (टीएफसी), पशुपति संकुल (वैदिक शॉप), कार्तिकेय संकुल (ब्लॉक 4) मल्लिकार्जुन भवन (यात्री सुविधा केंद्र), कैलाश संकुल शॉप-2 और अमरनाथ संकुल ब्लॉक-2 भवन शुरू हो जाएंगे।
जलासेन घाट और ललिता घाट से रैंप का निर्माण पूरा
दूसरे चरण में जलासेन घाट और ललिता घाट से रैंप का निर्माण, गंगा व्यूईंग गैलरी सहित घाट पर अन्य काम पूरा हो चुका है। जलासेन घाट और ललिता घाट को जोड़कर काशीपुराधिपति के प्रवेश द्वार से लेकर भक्तों की सुविधा के लिए दूसरे चरण के अन्य काम के लिए 60 करोड़ रुपये अतिरिक्त बजट भी खर्च किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 दिसंबर 2021 को 434 करोड़ रुपये की परियोजना के पहले चरण में बनकर तैयार धाम को महादेव के भक्तों को समर्पित किया था।
श्रद्धालुओं को ये मिल रही हैं सुविधाएं
– मुमुक्षु भवन में बुजुर्गों के रहने की व्यवस्था है।
– गंगा द्वार से गंगा में स्नान के साथ ही इस द्वार से श्रद्धालु मोबाइल लेकर आ सकते हैं।
– मंदिर में दर्शन के लिए आने वालों की सुविधा के लिए पूछताछ केंद्र भी बनाया गया है।
– सुलभ दर्शन करने वालों को पूजन सामग्री की भी सुविधा है।
– 11 महीने में सात करोड़ श्रद्धालुओं ने बाबा दरबार में हाजिरी लगाई है।
– वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक बाबा विश्वनाथ को 27 करोड़ का चढ़ावा मिला।
– लोकार्पण के बाद से अब तक यहां पर 40 करोड़ रुपये का चढ़ावा चढ़ा है।
– 2018-19 के वित्तीय वर्ष में सर्वाधिक 26.65 करोड़ रुपये का चढ़ावा चढ़ा था।
– गर्भगृह और बाहरी दीवार पर लगा है 60 किलोग
14 भवनों में चल रही हैं ये गतिविधियां
Kashi Vishwanath Dham श्री काशी विश्वनाथ धाम के 33 भवनों में से 14 भवन शुरू हो गए हैं। इनमें मोक्ष की कामना के लिए आने वालों के लिए मुमुक्षु भवन, बाबा के प्रसाद के लिए अन्नपूर्णा भवन, सुरक्षा व प्रशासनिक व्यवस्था के लिए पिनाक व नीलकंठ पैवेलियन, विश्वनाथ द्वार (गोदौलिया गेट), शक्ति भवन, (यूटिलिटी भवन) शौचालय, गंगा दर्शनम (गंगा व्यूइंग गैलरी), ललिता घाट (ललिता पथ), जलासेन पथ (रैंप बिल्डिंग), केदार भवन, ओंकारेश्वर भवन (यात्री सुविधा केंद्र) शुरू हो चुके हैं। इसके साथ ही शंकराचार्य चौक (मंदिर चौक) और भैरवनाथ द्वार (गंगा प्रवेश द्वार) भी शुरू हो चुका है।








