क्या सच में बच्चा चोरी करने वाले गिरोह सक्रिय हैं, अफवाह और सोशल मीडिया के चक्‍कर में न आएं

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Child Thief

BNP News Desk। Child Thief बीते कुछ दिनों से देशभर में बच्चा चोरी के शक में हिंसा की घटनाएं बढ़ी हैं। देश में इस वक्त एक ऐसे दुश्मन ने दस्तक दी है जो दिखता नहीं है लेकिन किसी भी क्षेत्र में अशांति फैला देता है।

सामान्य लोगों को कानून हाथ में उठाने के लिए लाचार कर देता है। दिमाग को कुंद कर देता है। अंजाने डर में असत्य को ही सत्य मानने के लिए मजबूर कर देता है। देश के इस दुश्मन का नाम है अफवाह।

कुछ मामलों में भीड़ की हिंसा लोगों की जान तक ले ली। इस तरह के मामले उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश समेत 10 से ज्यादा राज्यों में आ चुके हैं।

Child Thief कई राज्यों में बच्चा चोरी के शक में भीड़ ने लोगों पर कुछ लोगों पर हमला कर दिया। सहारनपुर में तो एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर ये माजरा क्या है? क्यों ऐसी घटनाएं हो रहीं हैं? इसके पीछे कौन लोग हैं? पुलिस और सरकार इसको लेकर क्या कर रही है? इन घटनाओं पर पुलिस ने क्या कहा और ऐसी परिस्थति में आपको क्या करना चाहिए।

सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो, फोटो और मैसेज वायरल हो रहे हैं, जिनमें बच्चा चोरी गिरोह सक्रिय होने का दावा किया जा रहा है। इनमें कहा जा रहा है कि ये गिरोह बच्चों की हत्या करके उनके अंगो की तस्करी करते हैं। इस तरह की अफवाहों का असर ये है कि लोग हर अनजान शख्स को बच्चा चोर की नजर से देखने लगे हैं।

कोई भी मैसेज हो या किसी शख्स द्वारा मौखिक दावा भी किया जा रहा है तो उसे पहले परख लें। जांच पड़ताल में अगर वह मैसेज सही हो तभी दूसरों से शेयर करिए। अगर गलत हो तो मैसेज भेजने वाले को ही तुरंत टोक दें और बता दें कि ये अफवाह है। अगर आपने कोई अफवाह फैलाई है तो इसके लिए कानूनी तौर पर आपको सजा भी मिल सकती है। 

पुलिस और सरकार क्या कर रही है

बच्चा चोरी की बढ़ती अफवाह को देखते हुए उत्तर प्रदेश के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर का बयान आया है। उन्होंने ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई का निर्देश दिया है। उन्होंने सभी जिलों के पुलिस अफसरों से कहा है कि वह बच्चा चोरी की सूचना को गंभीरता से लें। मौके पर जाएं और खुद परीक्षण करें।

लेकिन, अगर कोई जानबूझकर इस तरह की फर्जी अफवाह फैलाता है तो उसके खिलाफ भी सख्ती से कार्रवाई करें। अफवाह फैलाने वाले लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) लगाया जाए। ऐसे लोगों के खिलाफ 7 सीएलए एक्ट के तहत मुदकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।

इसी तरह उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, बिहार पुलिस ने भी बयान जारी कर इस तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की बात कही है। पुलिस ने ये भी साफ किया है कि अगर कोई इस तरह की अफवाह फैलाता हुआ पकड़ा जाएगा तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उसे जेल की हवा खानी पड़ सकती है। 

BNPNEWS
Author: BNPNEWS

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