वाराणसी में दो लाख का इनामी मनीष मुठभेड़ में ढेर

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बीएनपी न्‍यूज डेस्‍क। प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स ने सोमवार को दिनदहाड़े लोहता के सभईपुर रिंग रोड बनकट फाटक के पास घेराबंदी कर आतंक का पर्याय बने दो लाख रुपये के इनामी कुख्यात बदमाश मनीष सिंह सोनू को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। इस दौरान उसका एक साथ एसटीएफ को चकमा देकर फरार हो गया। उसकी तलाश की जा रही है। मनीष सिंह के पास से नाइन एमएम की कारबाइन, हैंडबैग व 20 कारतूस बरामद किए गए। उस पर वर्ष 2007 से लेकर अब तक प्रदेश के विभिन्न जिलों के थानों में 32 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। इंटरनेट कालिंग का उपयोग करने वाले मनीष के गिरोह के सरगना रोहित सिंह उर्फ सनी, रोशन गुप्ता उर्फ किट्टू व दीपक वर्मा जैसे अपराधियों को एसटीएफ व वाराणसी क्राइम ब्रांच पहले ही मुठभेड़ में मार चुकी है।

दरअसल, एसटीएफ व जिले की पुलिस लंका थाना क्षेत्र के नरोत्तमपुर निवासी मनीष की तलाश में लगातार लगी हुई थी। एक- दो मौके जरूर मिले, लेकिन उस दौरान कामयाबी नहीं मिली। एसटीएफ की स्थानीय इकाई के एएसपी विनोद कुमार सिंह को सोमवार को इनपुट मिला कि मनीष बनकट रेलवे फाटक के पास मौजूद है। इस पर तत्काल उसकी घेरेबंदी की गई तो खुद को घिरता देख मनीष ने कारबाइन से फायरिंग शुरू कर दी। एसटीएफ के डीएसपी शैलेंद्र प्रताप सिंह, इंस्पेक्टर अमित श्रीवास्तव व पुनीत परिहार सहित टीम में शामिल अन्य पुलिसकर्मियों ने खुद को बचाते हुए जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक गोली मनीष के सीने में जा लगी और वह मारा गया।
दोहरे हत्याकांड के बाद हुआ था दो लाख का इनाम
जैतपुरा थाना क्षेत्र के चौकाघाट इलाके में 28 अगस्त-2020 को हिस्ट्रीशीटर अभिषेक सिंह प्रिंस सहित दो लोगों की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई है। इसके साथ अभिषेक के एक दोस्त की हत्या का प्रयास किया गया था। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से शूटर मनीष सिंह सोनू की पहचान हुई तो उस पर घोषित इनाम की राशि नौ मार्च 2021 को एक लाख से बढ़ाकर दो लाख रुपये कर दी गई थी। सितंबर 2020 में मनीष का नाम मीरजापुर के चुनार स्थित एक निजी कंपनी के अधिकारी की हत्या व रंगदारी मांगने के मामले में भी सामने आया था। अप्रैल-2021 में जमीन कारोबारी व कांग्रेस नेता नारायण दत्त तिवारी की गोली मारकर हत्या करने वाले शूटर के रूप में मनीष चिह्नित किया गया। मई 2021 में कपसेठी के एक पेट्रोल पंप संचालक से 10 लाख रुपये रंगदारी मांगने में भी नाम आया। इस वारदातों के चलते पुलिस व एसटीएफ उसके पीछे हाथ धोकर पड़ी थी। बतौर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दोबारा शपथ ग्रहण से पहले एसटीएफ की इस कामयाबी से पूर्वांचल के अपराधियों में भय का माहौल कायम हो गया है। एसटीएफ के अधिकारी के मुताबिक मनीष इंटरनेट कालिंग का उपयोग करता था।
एनडी के स्वजन ने एसटीएफ को दी बधाई
मुठभेड़ में मनीष के मारे जाने की सूचना के बाद मौके पर पहुंचे मनीष के हाथों मारे गए एनडी तिवारी के भाई डीपी तिवारी व अन्य ने एसटीएफ के अधिकारियों को बधाई दी। इस दौरान बुलडोजर बाबा व एसटीएफ के अधिकारियों के जिंदाबाद के नारे भी लगे।

BNPNEWS
Author: BNPNEWS

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