BNP NEWS DESK। ISKCON Varanasi जगन्नाथ महोत्सव के अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन) द्वारा दुर्गाकुंड रोड स्थित मंदिर प्रांगण में आयोजित तीन दिवसीय ‘जगन्नाथ कथा’ के दूसरे दिन हरिनाम संकीर्तन, दिव्य कथा, छप्पन भोग,महाआरती व प्रसादम सहित विविध कार्यक्रम किए गए। इस अवसर पर इस्कॉन वृंदावन से पधारे श्रीमान रमाकांत प्रभु ने भगवान जगन्नाथ भक्तों की महिमा बताते कहा कि जगन्नाथ अपने भक्तों से बेहद प्यार करते हैं। ओडिशा में भगवान जगन्नाथ के एक प्रसिद्ध मुस्लिम भक्त सलाबेगा थे। वे अपने भजनों से जगन्नाथ को रिझाते थे।
ISKCON Varanasi वे भगवान के महान भक्तों में से एक थे,उनकी भक्ति निसंदेह संकीर्ण धार्मिक सीमाओं को पार कर सार्वभौमिक शांति का संदेश देती है। आज भी उनकी भक्ति के गीत पीढ़ियों से गाये जाते हैं।उन्होंने कहा कि जगन्नाथ प्राणनाथ है जिनकी कोई आशा नहीं उनकी आशा जगन्नाथ है। जो भक्त सच्चे मन और प्रेम से उन्हें पुकारता है,वे उसकी हर विपदा में मदद करने को हमेशा तैयार रहते हैं।
इस्कॉन वाराणसी के प्रमुख अच्युत मोहन दास ने कहा कि इस्कॉन के संस्थापक श्रील प्रभुपाद ने भगवान जगन्नाथ की महिमा को पूरी दुनिया में फैलाया। इस अवसर पर भगवान जगन्नाथ बलभद्र और सुभद्रा का विविध द्रव्यों से पूजन व अभिषेक तथा विविध प्रकार के फूलों से श्रृंगार किया गया। छप्पन भोग व उनकी महाआरती उतारी गई।
साक्षी मुरारी दास,रसिक गोविंद दास,राम केशव दास व मुरारी गुप्त दास सहित अनेकों श्रद्धालु उपस्थित थे।भक्तों में प्रसाद वितरण हुआ। कल तीन दिवसीय जगन्नाथ कथा का समापन होगा। ISKCON Varanasi














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