जम्मू में कश्मीर टाइम्स अखबार के कार्यालय पर छापा

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Kashmir Times

BNP NEWS DESK। Kashmir Times जम्मू-कश्मीर पुलिस की प्रदेश जांच एजेंसी (एसआईए) ने गुरुवार सुबह जम्मू स्थित कश्मीर टाइम्स समाचार पत्र के मुख्य कार्यालय, उसके मालिक व संपादक के आवास पर छापेमारी की। कार्यालय से एक पिस्तौल, तीन गोलियां, एके राइफल के 14 कारतूस के खोल व तीन कारतूस और तीन हैंड ग्रेनेड के पिन बरामद हुए हैं।
पुलिस के अनुसार समाचार पत्र और इसकी वेबसाइट के माध्यम से राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के प्रसार और देश के खिलाफ असंतोष फैलाने के आरोप हैं। इस संबंध में एसआईए एफआईआर दर्ज कर चुकी है।
Kashmir Times  जम्मू के रेजिडेंसी रोड स्थित समाचार पत्र के कार्यालय में सुबह करीब आठ बजे शुरू हुई छापेमारी शाम छह बजे तक चली। अधिकारियों ने बताया कि कार्यालय से हथियार के साथ डिजिटल उपकरण और दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि बरामद पिस्तौल लाइसेंसी है या नहीं।
छापेमारी के दौरान मजिस्ट्रेट भी मौजूद रहे, जिनकी मौजूदगी में बरामद सामान को जांच के लिए जब्त किया गया है। छापे के दौरान एसआइए अधिकारियों ने कश्मीर टाइम्स की देखरेख करने वाले एक कर्मचारी से भी पूछताछ की।
इस बीच, कश्मीर टाइम्स के मालिक प्रबोध जम्वाल और संपादक अनुराधा भसीन (दोनों पति-पत्नी) के जम्मू के गांधी नगर, ग्रीन बेल्ट स्थित आवास की भी जांच की गई। अखबार और इसकी वेबसाइट के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है।

दो-तीन वर्ष से बंद है प्रिंटिंग, पर पोर्टल जारी

इस अखबार की प्रिंटिंग दो-तीन वर्ष से बंद है पर पोर्टल चल रहा है। यह समाचार पत्र 1954 से चल रहा था और अनुराधा भसीन के पिता वेद भसीन ने इसे आगे बढ़ाया था। कालांतर में इसका प्रसार कम होता गया और केवल वेब पोर्टल ही चल रहा है।
एसआइए की यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब सुरक्षा एजेंसियों द्वारा अलगाववादी और आतंकी विचारधारा फैलाने वालों के खिलाफ लगातार निगरानी बढ़ाई गई है।

एफआइआर में यह हैं आरोप

-• आतंकवादी और अलगाववादी विचारधारा का प्रसार।
•- भड़काऊ, मनगढ़ंत और झूठे आख्यान फैला रहा।
– जम्मू कश्मीर के युवाओं को कट्टरपंथी बनाने का प्रयास।
– प्रिंट और डिजिटल सामग्री के माध्यम से भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को चुनौती दे रहा।

संपादक पर पहले भी दर्ज है एक मामला

कश्मीर टाइम्स की संपादक अनुराधा भसीन अनुच्छेद 370 हटाने की विरोधी रही हैं और तब उनके विरुद्ध एक मामला भी दर्ज किया गया था। इसके अलावा कश्मीर पर लिखी उनकी एक किताब पर कुछ माह पहले प्रतिबंध भी लगाया गया था।

हमें डराने और चुप कराने की कोशिश हो रही : संपादक

विदेश में बैठे कश्मीर टाइम्स के मालिक प्रबोध जम्वाल और संपादक अनुराधा भसीन ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि यह एक सुनियोजित कदम है, उन्हें डराने, बदनाम करने और चुप कराने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा, हम चुप नहीं होंगे, आलोचना करना ही लोकतंत्र की जान है। उन्होंने कहा कि जबरन कार्रवाई कश्मीर टाइम्स व पत्रकारिता को दबाने की रणनीति का हिस्सा है।

BNPNEWS
Author: BNPNEWS

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