बीएनपी न्यूज डेस्क। पश्चिम से चल रही हवाओं के साथ शुक्रवार की रात से गलन बढ़ गई है। न्यूनतम तापमान गिरकर सात डिग्री पर पहुंच गया है। शनिवार की सुबह धूप तो निकली, लेकिन हवाओं के चलते किरणें निस्तेज हैं। मेघ की दस्तक संग चली सर्द हवा से गलन में इजाफा होता जा रहा है। बढ़ी ठंड से बाइक सवारों का शरीर कठुआता रहा। शीत से बचाव को लोग सुबह-शाम अलाव का सहारा ले रहे हैं। सर्द हवा व गलन के सामने धूप पूरी तरह विवश नजर आया। धूप में बैठने के बावजूद लोग कंपकंपी महशूस करते रहे। इससे रबी की फसलों को फायदा बताया जा रहा है। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार पुनः ठंड और बढ़ने के आसार हैं।
पहाड़ों पर लगातार हो रही बर्फबारी की वजह से मैदानी इलाकों में लगातार ठंड बढ़ रही है। मौसम विशेषज्ञों का पूर्वानुमान है कि उत्तरी दिशा से आने वाली सर्द हवाओं की वजह से कुछ इलाकों में दो दिन तक शीतलहर चल सकती है। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी की वजह से मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ने लगी है. वहीं उत्तर प्रदेश में भी ठंड शबाब पर है. कई जिलों में पारा काफी गिर गया है जिसकी वजह से लोगों को कड़कड़ाती ठंड का एहसास हो रहा है। दरअसल पछुआ हवाओं के चलने से ठिठुरन बढ़ी है। वहीं मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में ठंड सितम ढाएगी।
धूप निकलने पर कुछ लोग गर्म कपड़ों के बीच कई दिनों बाद घर से टहलने के लिए निकले, लेकिन हवा तेज होने और ठंड के साथ गलन बढ़ने से उन्हें वापस घर में दुबकना पड़ा। मौसम की मार झेल रहे नौकरी पेशे वाले लोग मजबूरी में घर से निकल रहे हैं। गलन बढ़ने से बुजुर्ग और बच्चे बीमार पड़ने लगे हैं। इन दिनों सरकारी अस्पतालों में ठंड लगने से बीमार पड़ने वाले मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। दोपहर में लोग धूप सेंकने के लिए घर से बाहर जरूर निकले और लोगों ने राहत भी महसूस की, लेकिन सड़क पर यात्रा करने वाले व खेत में काम करने वालों को हवा चलने की वजह से ठंड सताती रही।








