BNP NEWS DESK। government hospitals प्रदेश के 107 सरकारी जिला व मंडलीय अस्पतालों की सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से 24 घंटे निगरानी शुरू कर दी गई है। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने गुरुवार को हेल्थ आनलाइन पैरामीटर इवैल्यूएशन (होप) कंट्रोल रूम का शुभारंभ किया। इस कंट्रोल रूम को पीरामल फाउंडेशन व बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन की मदद से तैयार किया गया है।
government hospitals जिला व मंडलीय अस्पतालों में कुल दो हजार सीसीटीवी कैमरे के साथ वायस रिकार्डर भी लगाए गए हैं। अस्पतालों के इमरजेंसी वार्ड, ओपीडी, पैथोलाजी, दवा व पर्चा काउंटर सहित 16 अलग-अलग स्थानों पर कैमरे लगाए गए हैं। इन्हें स्वास्थ्य महानिदेशालय कार्यालय में स्थित इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर व कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है। यहां तैनात कर्मचारी इसकी सतत निगरानी करेंगे।
निदेशक के माध्यम से संबंधित सीएमएस को प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी
उप मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि मरीजों को अब बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी और कोई कठिनाई होने पर समस्या का तत्काल समाधान हो सकेगा। कंट्रोल रूम से इन सभी अस्पतालों की निगरानी होगी। अगर डाक्टर ओपीडी में नहीं हैं, अस्पताल में कोई जानवर घूम रहा है या फिर पर्चा व दवा काउंटर में अनियंत्रित भीड़ है तो संबंधित अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) को पहले वाट्सएप के माध्यम से संदेश भेजा जाएगा।
आधे घंटे में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो कंट्रोल रूम से फोन जाएगा। फिर भी आधे घंटे में समस्या का समाधान न हुआ तो संबंधित संयुक्त निदेशक को इसकी जानकारी देकर समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा।
आधे घंटे में समस्या न निपटी तो निदेशक (चिकित्सा एवं उपाचार) को इसकी जानकारी दी जाएगी और उसे आधे घंटे में निपटाया जाएगा। निदेशक के माध्यम से संबंधित सीएमएस को प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी।
पहले चरण में 107 सरकारी अस्पतालों में इसे लगाया गया है और आगे सभी जिला अस्पतालों, सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। वहीं दूसरे चरण में अस्पतालों में बेड व दवा की उपलब्धता सहित सभी सुविधाओं को आनलाइन किया जाएगा। वहीं सभी एप जैसे ई कवच, ई संजीवनी आदि भी इससे भी इससे जोड़े जाएंगे।
संक्रामक रोगों से संबंधित सभी शिकायतों का निस्तारण किया जाएगा। तीसरे चरण में कंट्रोल रूम की मदद से रोगियों को हेल्पलाइन की सुविधा दी जाएगी और समस्याओं का समाधान किया जाएगा। कार्यक्रम में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, प्रमुख सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य पार्थ सारथी सेन शर्मा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महानिदेशक डा. दीपा त्यागी, निदेशक (प्रशासन) डा. राजा गणपति आर व संयुक्त निदेशक (मुख्यालय) डा. सचिन वैश्य आदि मौजूद रहे।
अस्पतालों में अभद्रता होने पर आवाज होगी रिकार्ड
अस्पतालों में सीसीटीवी कैमरे के साथ-साथ वायस रिकार्डर भी लगाए गए हैं। अगर डाक्टर व मरीज के बीच कहासुनी व अभद्रता हुई तो वायस रिकार्डर की मदद से पूरी जानकारी मिल सकेगी। फिर उसके आधार पर कार्रवाई होगी।








