ब‍ल‍िया में ट्रकों से वसूली कर रहे दो पुलिसकर्मी समेत 16 दलाल गिरफ्तार

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BNP news desk । recovery from trucks ट्रकों से पुलिस की अवैध वसूली की शिकायत पर सीएम की सख्ती के बाद अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) वाराणसी पीयूष मोर्डिया और डीआइजी आजमगढ़ वैभव कृष्ण खुद एक ट्रक में सवार हुए और उत्तर प्रदेश व बिहार की सीमा पर बलिया के नरही थाना क्षेत्र के भरौली चौराहे पर बुधवार को आधी रात बाद करीब डेढ़ बजे औचक छापेमारी की। दोनों अधिकारियों के नेतृत्व में आई पुलिस टीम ने मौके पर ट्रकों से वसूली करते हुए आरक्षी हरदयाल व सतीश गुप्ता समेत 16 दलालों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि तीन सिपाही भाग निकले।

16 दलालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया

recovery from trucks  निरीक्षक सुशील कुमार की तहरीर पर नरही थानाध्यक्ष पन्नेलाल और कोरंटाडीह के चौकी प्रभारी राजेश कुमार प्रभाकर सहित सात पुलिसकर्मियों के अलावा 16 दलालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इन दलालों को भी पुलिस की शह पर वसूली में लगाया गया था। अवैध वसूली के आरोप में थानाध्यक्ष पन्नेलाल सहित पूरी कोरंटाडीह चौकी को निलंबित कर दिया गया है। मौके से 37,500 रुपये नकद और 14 बाइक के अलावा 25 मोबाइल भी बरामद किए गए।

इस प्रकरण की जांच आजमगढ़ एसपी हेमराज मीना को सौंपी गई है। पहली बार ऐसी छापेमारी की सूचना पर जिलेभर के थानों में अफरातफरी मची रही। थानाध्यक्ष पन्नेलाल का आवास भी सील कर दिया गया है। थानाध्यक्ष फिलहाल परिदृश्य से लापता हैं। हालांकि कुछ सिपाहियों का कहना है कि वह कार्यालयीय कार्य से गोरखपुर गए हैं। recovery from trucks

भ्रष्ट पुलिसकर्मियों को रंगेहाथ पकड़ने के लिए खुद एडीजी और उन्होंने पहले रेकी की

भरौली में छापेमारी के बाद डीआइजी वैभव कृष्ण ने बताया कि एडीजी को शिकायत मिल रही थी कि भरौली में बिहार से बालू, कोयला आदि लेकर आने वाले ट्रकों से पुलिस वसूली करती है। भ्रष्ट पुलिसकर्मियों को रंगेहाथ पकड़ने के लिए खुद एडीजी और उन्होंने पहले रेकी की। इसके बाद योजना बनाकर छापेमारी की। डीआइजी ने बताया कि यहां से प्रतिदिन एक हजार ट्रक होकर गुजरते हैं और हर ट्रक से 500-500 रुपये की वसूली की जा रही थी। छापेमारी के समय पहले दो सिपाही गिरफ्तार किए गए। recovery from trucks

इसके बाद दलालों को दबोचा गया। इसके पश्चात जब टीम कोरंटाडीह चौकी पहुंची तो वहां भी वसूली की जा रही थी। यहां से एक सिपाही और एक दलाल फरार हो गया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस तरह की छापेमारी चलती रहेगी। 500-500 रुपये प्रति ट्रक वसूली के हिसाब से प्रतिमाह यहां डेढ़ करोड़ रुपये और सालाना 18 करोड़ रुपये की वसूली होती थी। बताया जा रहा है कि इसका बड़ा हिस्सा बिहार पुलिस के थानों को भी जाता था।

एडीजी और डीआइजी ने पहले ट्रक में बैठकर की रेकी

एडीजी पीयूष मोर्डिया और डीआइजी वैभव कृष्ण बुधवार की रात करीब साढ़े नौ बजे ही बक्सर पहुंच गए थे। यहां से सादे कपड़ों में ट्रक पर सवार होकर भरौली आए। भरौली चौराहे के पास देखा कि ट्रकों की लंबी कतार लगी हुई है। तीन पुलिसकर्मी कुर्सी पर बैठे थे और एक वसूली कर रहा था। इसके बाद दोनों अधिकारी कोरंटाडीह चौकी के पास गए। यहां भी वसूली चल रही थी। कुछ दूर जाने के बाद ट्रक मोड़कर फिर बक्सर गए। दोनों अधिकारियों ने छापेमारी की योजना बनाई और फिर भरौली लौटे।

 

छापेमारी को बनाई थीं तीन टीमें, प्रयोग किए वाराणसी, लखनऊ व प्रयागराज नंबर के वाहन

एडीजी ने बक्सर में तीन पुलिस टीमें बनाईं। पहली टीम में डीआइजी, निरीक्षक सुशील कुमार, हेड कांस्टेबल अनिल सिंह, राम सेवक, अभिषेक कुमार यादव और चालक गोरखनाथ, द्वितीय टीम में निरीक्षक अब्दुल वहीद, उप निरीक्षक अंबिका प्रसाद, रविकांत साहू, मनीष यादव, शरद मिश्र तथा तीसरी टीम में शिवमिलन, राजेश यादव, राव वीरेंद्र यादव, रजनीकांत, विवेक रंजन शामिल थे। टीम में प्रयोग किए गए वाहन वाराणसी, प्रयागराज व लखनऊ के नंबर वाले थे।

 

रात एक बजे से शुरू हुआ था आपरेशन

डीआइजी के नेतृत्व में तीनों टीम बुधवार की रात लगभग एक बजे भरौली पहुंची। इसके बाद करीब 1.30 बजे एडीजी पीयूष मोर्डिया के निर्देश पर आपरेशन शुरू किया गया। टीम ने देखा कि दलाल और पुलिसकर्मियों द्वारा धमकाकर ट्रकों से वसूली की जा रही थी। दबिश के समय सबसे पहले आरक्षी हरदयाल को रंगेहाथ पकड़ लिया गया जबकि मौके से पुलिसकर्मी विष्णु यादव, दीपक मिश्र और बलराम सिंह फरार हो गए। इसके बाद बारी-बारी से दलालों को गिरफ्तार कर पास में स्थित मंदिर पर ले जाया गया। यहां पर पूछताछ की गई।

इनके खिलाफ दर्ज किया गया है मुकदमा

थानाध्यक्ष नरही पन्ने लाल, चौकी प्रभारी राजेश कुमार प्रभाकर, आरक्षी दीपक मिश्र, आरक्षी बलराम सिंह, हेड कांस्टेबल विष्णु यादव और आरक्षी सतीश गुप्ता, आरक्षी हरदयाल के अलावा दलाल रविशंकर यादव निवासी भरौली, विवेक शर्मा, जितेश चौधरी, वीरेंद्र राय, सोनू सिंह, अजय कुमार पांडेय, वीरेंद्र सिंह यादव, अरविंद यादव, रमाशंकर चौधरी, जवाहिर यादव, धर्मेंद्र यादव, विकास राय, हरेंद्र यादव, सलाम अंसारी, आनंद कुमार ठाकुर, दिलीप कुमार आदि स्थानीय के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया।

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Author: BNPNEWS

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