एलेन, आकाश और महेंद्रा समेत आठ कोचिंग संस्थानों पर वीडीए की बड़ी कार्रवाई, भवन सील

SHARE:

Coaching Centers

BNP NEWS DESK। Coaching Centers  वाराणसी विकास प्राधिकरण ने शहर में संचालित कोचिंग संस्थानों के खिलाफ बड़ा प्रवर्तन अभियान चलाते हुए मंगलवार को एलेन, आकाश इंस्टीट्यूट और महेंद्रा कोचिंग समेत कुल आठ संस्थानों पर कार्रवाई की। मानचित्र स्वीकृति और भवन मानकों के उल्लंघन पाए जाने पर विभिन्न क्षेत्रों में स्थित परिसरों को सील कर दिया गया। वीडीए उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा ने जोन-1 के शिवपुर और सिकरौल क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया।

 

Coaching Centers निरीक्षण के दौरान एलेन कोचिंग सेंटर बिना मानचित्र स्वीकृति एवं निर्धारित भवन मानकों के अनुरूप संचालन करते हुए पाया गया। मामले को गंभीर मानते हुए तत्काल प्रभाव से संस्थान को सील कर दिया गया तथा संचालकों को आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।

जोन-2 के सारनाथ क्षेत्र में भी दो संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की गई। पहाड़िया स्थित नंदलाल जायसवाल के भवन में स्वीकृत मानचित्र के विपरीत संचालित कोचिंग के तृतीय तल को सील किया गया। वहीं पंचकोशी रोड नई बस्ती में अमनदीप द्वारा बेसमेंट में लाइब्रेरी और भूतल पर बिना अनुमति संचालित कोचिंग संस्थान को भी सील कर दिया गया।

जोन-3 में सिगरा के चंद्रिका नगर स्थित वीरेंद्र प्रताप सिंह के बी जी 4 भवन (मतलब एक ऐसी इमारत से है, जिसमें बेसमेंट-बी, भूतल-जी और उसके ऊपर चार मंजिलें होती हैं, जो कुल छह मंजिला संरचना को दर्शाता है।) में भवन मानकों और स्वीकृत मानचित्र से संबंधित अनियमितताएं मिलने पर परिसर को सील किया गया। Coaching Centers

Coaching Centers जोन-4 में वीडीए सचिव डा. वेद प्रकाश मिश्रा के नेतृत्व में व्यापक अभियान चलाया गया। संकट मोचन मार्ग स्थित एलेन कोचिंग की एक शाखा और साकेत नगर स्थित दूसरी शाखा को सील कर दिया गया। इसके अलावा ब्रह्मानंद कालोनी, दुर्गाकुंड में संचालित एल-1 कोचिंग, दुर्गाकुंड स्थित आकाश इंस्टीट्यूट और महेंद्रा कोचिंग के विरुद्ध भी सीलिंग की कार्रवाई की गई। इस दौरान दुर्गाकुंड स्थित कोचिंग सेंटर से बच्चों को तत्काल बाहर निकाला गया।

 

सवाल जो हर बार रहते हैं अनुत्तरित

 

बड़ी घटनाओं के बाद ऐसा देखा गया है कि विभागीय स्तर पर बड़ी-बड़ी कार्रवाई की जाती है। इसकी जद में आने वाले संस्थाओं या प्रतिष्ठानाें से तब तक बड़े स्तर पर राजस्व की हानि हो चुकी होती है। सवाल यह है कि आखिरकार ऐसे संस्थाओं और प्रतिष्ठानों को शुरुआती दौर में ही चिह्नित क्यों नहीं किया जाता है? किसी बड़ी घटना का इंतजार क्यों? इसका जवाब विभाग भले न दे लेकिन लोगों का मानना है कि इस खेल में दबाव का इंतजार किया जाता है, उसके बाद कार्रवाई की जाती है। कुछ दिनों बाद सिलसिला फिर पुराना शुरू हो जाता है। Coaching Centers

BNPNEWS
Author: BNPNEWS

[ays_poll id=1]
सबसे ज्यादा पढ़ी गई

Horoscope

Weather