Bnp News Desk। Shri Krishna Janmabhoomi Case वाराणसी में ज्ञानवापी प्रांगण के बाद अब भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली मथुरा के जन्मभूमि प्रांगण की भी वीडियोग्राफी होगी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को मथुरा में श्री कृष्ण जन्मभूमि प्रांगण की वीडियोग्राफी करवाने का निर्देश दिया है। इसी के साथ हाईकोर्ट ने इश प्रकरण में चार माह में मथुरा कोर्ट को वीडियोग्राफी सर्वी की याचिका को निस्तारित करने का निर्देश भी दिया है। हाई कोर्ट की तरफ से चार महीने में वीडियोग्राफी कराने का आदेश दिया गया। इसके साथ ही चार महीने में सर्वे करारकर रिपोर्ट हाई कोर्ट में दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
Shri Krishna Janmabhoomi Case सर्वे कमीशन में एक वरिष्ठ अधिवक्ता, कमिश्नर और दो अधिवक्ता सहायक कमिश्नर के साथ वादी और प्रतिवादी के साथ सक्षम अधिकारी होंगे। चार महीने में वीडियोग्राफी सर्वे होगा और इसके बाद इस रिपोर्ट को दाखिल करना होगा। यह आदेश हाईकोर्ट की तरफ से मथुरा जिला जज को दिया गया है।
बता दें कि लखनऊ की रहने वाली रंजना अग्निहोत्री ने श्री कृष्ण जन्मभूमि की 13.37 एकड़ जमीन के मालिकाना हक की मांग करते हुए मुकदमा दायर किया था। उन्होंने श्री कृष्ण जन्मभूमि में बनी शाही ईदगाह मस्जिद को हटाने की भी मांग की। अदालत में दायर मुकदमे में भगवान कृष्ण के जन्मस्थान के पास कटरा केशव देव मंदिर के 13.37 एकड़ के परिसर में मुगल सम्राट औरंगजेब के आदेश पर कथित रूप से 1669-70 में बनी एक मस्जिद को हटाने की मांग की गई है।
हाईकोर्ट से मामले में हस्तक्षेप की थी मांग
इसी के बाद मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद को लेकर मनीष यादव ने बीते दिनों सुनवाई जल्द पूरी करने की अर्जी इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल की थी। इसी के साथ हाईकोर्ट से इस मामले में हस्तक्षेप की भी मांग की थी। कोर्ट ने इस अर्जी पर अधीनस्थ अदालत से आख्या मांगी और सोमवार को इस मामले में जिला न्यायालय को आदेश दिया गया। आदेश में कहा गया कि मथुरा जिला न्यायालय मनीष यादव के प्रार्थना पत्र पर चार माह में सुनवाई पूरी करते हुए उसे निस्तारित करे।








