अपना टाइम आएगा : कुमार मंगलम बिड़ला

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IIT BHU Convocation

BNP NEWS DESK।  IIT BHU Convocation सफलता के लिए जिज्ञासा, जोखिम उठाने का साहस और असफलताओं से सीखने का जज्बा जरूरी है। जीवन में चुनौतियां आएं तो उनसे घबराने के बजाय नए रास्ते तलाशने चाहिए। अपना समय जरूर आएगा। यह संदेश आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने शनिवार को आईआईटी बीएचयू के 15वें दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को दिया। कुमार मंगलम बिड़ला ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों के साथ तीन प्रेरक कहानियां साझा कीं।

IIT BHU Convocation  उन्होंने कहा कि जीवन में कभी चुनौती या असमंजस की स्थिति आए तो इनसे सीख लेकर अपनी राह तय की जा सकती है। एनवीडिया के सह-संस्थापक जेन्सेन हुआंग के बारे में बताया कि परिवार से दूर रहने के दौरान हुआंग ने पहली बार बर्गर को बाक्स में देखा तो उनके लिए यह नया और रोमांचक अनुभव था। वह ऐसे छोटे-छोटे अनुभवों को टेप रिकार्ड कर परिवार को भेजते थे। इस प्रसंग के जरिये बिड़ला ने बताया कि छोटी चीजों के प्रति जिज्ञासा ही बड़े मुकाम तक पहुंचने की शुरुआत बन सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा, ‘अपना टाइम आएगा।’

उन्होंने ब्लैकराक के सह-संस्थापक लैरी फिंक के प्रेरक प्रसंग का उल्लेख किया। बताया कि वर्ष 1986 में फर्स्ट बोस्टन में काम करते हुए ब्याज दरों के गलत अनुमान के कारण फिंक की टीम को करीब 100 मिलियन डालर का नुकसान हुआ था। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और वर्ष 1988 में ब्लैकराक की स्थापना कर नई शुरुआत की। आज यह दुनिया की प्रमुख निवेश प्रबंधन कंपनियों में शामिल है। इस कहानी से उन्होंने विद्यार्थियों को जोखिम उठाने और असफलता से सीखने की प्रेरणा देते हुए कहा, ‘रिस्क है तो इश्क है।’

 

उन्होंने बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के तेजी से बढ़ते प्रभाव और बदलते वैश्विक परिदृश्य में युवाओं के लिए केवल तकनीकी दक्षता पर्याप्त नहीं होगी। उन्हें नवाचार, आत्मविश्वास, भावनात्मक दृढ़ता और आजीवन सीखने की प्रवृत्ति भी विकसित करनी होगी। पारंपरिक करियर की अवधारणा तेजी से बदल रही है। ऐसे में युवाओं को नई चुनौतियां स्वीकार करने, असफलताओं से सीखने और समय के साथ खुद को विकसित करने के लिए तैयार रहना होगा। IIT BHU Convocation

2048 विद्यार्थियों को मिलीं उपाधियां

स्वतंत्रता भवन में आयोजित समारोह में कुलगीत और वंदे मातरम की गूंज के बीच विभिन्न पाठ्यक्रमों के 2048 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। मुख्य अतिथि कुमार मंगलम बिड़ला ने 62 मेधावियों को 97 गोल्ड मेडल, दो सिल्वर मेडल और 25 नकद पुरस्कार समेत कुल 124 सम्मान प्रदान किए। हरजस कौर को प्रेसिडेंट गोल्ड मेडल और मेहुलकुमार व प्रतीक त्रिपाठी को डायरेक्टर्स गोल्ड मेडल दिया गया। मध्य प्रदेश के सागर निवासी प्रखर नेमा को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उत्कृष्ट शोध के लिए मुकेश भार्गव ग्रीन विजन अवार्ड प्रदान किया गया। संस्थान की ओर से कुमार मंगलम बिड़ला को मानद डाक्टर आफ साइंस की उपाधि से सम्मानित किया गया।

 

बीएचयू के कुलपति एवं आईआईटी बीएचयू बोर्ड आफ गवर्नर्स के उपाध्यक्ष प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने बिड़ला परिवार के साथ विश्वविद्यालय के पुराने संबंधों को याद किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की स्थापना से लेकर परिसर में कई महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों में परिवार का आर्थिक सहयोग रहा है।

आईआईटी बीएचयू के दीक्षा समारोह में बिड़ला परिवार के किसी सदस्य को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाना पहली बार है। बीएचयू के पूर्व छात्र और बोर्ड आफ गवर्नर्स के सदस्य पूर्व केंद्रीय मंत्री डा. महेंद्र नाथ पांडेय ने भी छात्र जीवन के संस्मरण साझा किए। IIT BHU Convocation

उन्होंने कहा कि उस समय संस्थान आईटी बीएचयू के नाम से जाना जाता था। चुनाव में मिले समर्थन और सर्वाधिक वोट हासिल करने का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा कि जहां आईआईटी वाले जाएंगे, जीत वहीं होगी। समारोह की अध्यक्षता बोर्ड आफ गवर्नर्स के चेयरमैन डा. कोटा हरिनारायण ने की। निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने अतिथियों का स्वागत किया। IIT BHU Convocation

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Author: BNPNEWS

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