BNP NEWS DESK। elephant gauri जयपुर में मिठाई की दुकान चलाने वाले एक शख्स को हथिनी को गरम कचौड़ी खिलाना भारी पड़ गया. गौरी नाम की इस मशहूर मादा हाथी को दुकान की एक मिठाई बहुत पसंद थी. लेकिन दुकानदार ने गलती से उसे गरम और तीखी कचौड़ी खिला दी. इस पर हथिनी बुरी तरह बिगड़ गई. उसने दुकानदार को सूंड में लपेट कर सड़क पर घसीट दिया.
रिपोर्ट के मुताबिक गौरी पिछले 17 सालों से जयपुर स्थित आमेर के किले के आसपास यात्रियों को सवारी करा रही है. यहीं इंडियन स्नैक नाम की एक दुकान है जहां मिठाइयां, कचौड़ी और खाने की दूसरी चीजें मिलती हैं. गौरी को इस दुकान की मावे की गूंजी बहुत पसंद थी. वो लगभग रोज ही सैलानियों को घुमाते वक्त ये मिठाई खाती थी. सैलानी उसकी पीठ पर चढ़ने से पहले या बाद में उसे दुकान पर ले जाते और मिठाई खरीद कर खिलाते.
सोमवार को गौरी फिर ये मिठाई लेने पहुंची. लेकिन दुकानदार से गलती हो गई. पुलिस ने बताया कि दुकानदार ने अनजाने में हथिनी को मिठाई की जगह गरमा-गरम तीखी कचौड़ी खिला दी थी और मिठाई बांट दी दूसरे हाथियों को. हमेशा शांत रहने वाली गौरी इस पर ऐसा बिगड़ी कि दुकानदार रूपनारायण कूलवाल को सूंड से उठाकर पटक दिया. फिर उसमें लपेटकर सड़क पर घसीटा.
हथिनी के हमले में रूपनारायण बच गए हैं, लेकिन उनकी पसलियों में चोट आई है. उनका इलाज किया जा रहा है. बाद में पता चला कि ये वही हथिनी है जिसके 2002 में पैदा होने पर आम लोग और राजनेता बड़ी संख्या में आमेर में इकट्ठा हुए थे. वजह ये कि उससे पहले पिछले सौ सालों में आमेर में किसी हाथी का जन्म नहीं हुआ था. लेकिन उस साल इब्राहिम मंसूरी नाम का महावत दूसरे राज्य से गौरी की मां को आमेर लेकर आया था जो संयोग से गर्भवती थी.
तीन साल की उम्र से ही गौरी आमेर और यहां का मशहूर किला देखने आने वाले यात्रियों के आकर्षण का केंद्र रही है. इब्राहिम ने बताया कि ये हथिनी शांत स्वभाव की है. सोमवार को हुई घटना अपवाद है. हालांकि इस अपवाद ने आमेर में 15 साल पहले हुए एक दर्दनाक हादसे की याद ताजा कर दी है. तब एक पर्यटक के कैमरे की लाइट से परेशान एक हाथी ने गुस्से में उस पर हमला कर दिया था. उस हादसे में यात्री की मौत हो गई थी.








